गाउट एक प्रकार का गठिया है, जिसमें शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के कारण जोड़ों के अंदर और आसपास छोटे-छोटे क्रिस्टल जमा हो सकते हैं। ये क्रिस्टल जोड़ों में अचानक तेज दर्द, सूजन, लालिमा और गर्माहट पैदा कर सकते हैं। गाउट का दर्द अक्सर रात में अचानक शुरू होता है और पैर के अंगूठे, टखने, घुटने या अन्य जोड़ों को प्रभावित कर सकता है।
कई मरीजों को ऐसा लगता है कि जब जोड़ की सूजन कम हो जाती है, तो दर्द भी पूरी तरह खत्म हो जाना चाहिए। लेकिन कुछ लोगों में सूजन कम होने के बाद भी दर्द, अकड़न या चलने में परेशानी बनी रहती है।
गाउट में सूजन कम होने के बाद भी दर्द बने रहने के कई कारण हो सकते हैं। इनमें जोड़ों में बची हुई सूजन, यूरिक एसिड क्रिस्टल का जमा रहना, बार-बार होने वाले गाउट के दौरे और जोड़ों को हुआ नुकसान शामिल हैं।
आइए समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है और इस स्थिति में क्या करना चाहिए।
गाउट का दर्द और सूजन कैसे होती है?
गाउट में यूरिक एसिड का स्तर लंबे समय तक अधिक रहने पर शरीर के जोड़ों और आसपास के ऊतकों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमा हो सकते हैं।
जब शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली इन क्रिस्टल पर प्रतिक्रिया करती है, तो जोड़ में सूजन पैदा होती है। इससे तेज दर्द, लालिमा, गर्माहट और संवेदनशीलता महसूस होती है।
गाउट का दौरा कुछ दिनों से लेकर लगभग एक-दो सप्ताह तक रह सकता है। हालांकि, हर मरीज में दर्द की अवधि अलग हो सकती है।
दौरा कम होने के बाद भी कुछ मरीजों में दर्द या अकड़न बनी रह सकती है। इसका अर्थ हमेशा यह नहीं होता कि गाउट का नया दौरा शुरू हो गया है। इसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं।
1. जोड़ में सूजन पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है
गाउट का दौरा कम होने के बाद भी जोड़ के अंदर हल्की सूजन बनी रह सकती है।
बाहरी सूजन और लालिमा कम दिखाई देने लगती है, लेकिन जोड़ के अंदर की सूजन पूरी तरह समाप्त होने में अधिक समय लग सकता है।
इस स्थिति में मरीज को निम्नलिखित समस्याएं महसूस हो सकती हैं:
- चलने पर हल्का दर्द।
- जोड़ को मोड़ने में परेशानी।
- सुबह उठने पर अकड़न।
- लंबे समय तक बैठने के बाद दर्द।
- जोड़ पर दबाव पड़ने से संवेदनशीलता।
ऐसा दर्द धीरे-धीरे कम हो सकता है, लेकिन यदि यह लगातार बना रहे या बढ़ने लगे, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
2. जोड़ में यूरिक एसिड के क्रिस्टल अभी भी मौजूद हैं
गाउट में दर्द का मूल कारण यूरिक एसिड के क्रिस्टल होते हैं।
दौरे के दौरान इन क्रिस्टल के कारण तीव्र सूजन होती है। जब सूजन कम हो जाती है, तब भी जोड़ में जमा क्रिस्टल पूरी तरह समाप्त नहीं होते।
यदि यूरिक एसिड का स्तर लंबे समय तक अधिक बना रहता है, तो नए क्रिस्टल जमा हो सकते हैं और पुराने क्रिस्टल धीरे-धीरे बढ़ सकते हैं।
इससे मरीज को बार-बार दर्द, अकड़न या गाउट के नए दौरे हो सकते हैं।
दर्द कम होना और यूरिक एसिड क्रिस्टल का पूरी तरह समाप्त होना दो अलग-अलग बातें हैं।
यही कारण है कि केवल दर्द कम होने के आधार पर गाउट को पूरी तरह नियंत्रित नहीं माना जा सकता।
3. बार-बार होने वाले गाउट के कारण जोड़ को नुकसान पहुंचा है
यदि गाउट का समय पर उपचार नहीं किया जाता या यूरिक एसिड लंबे समय तक नियंत्रित नहीं रहता, तो बार-बार होने वाले दौरे जोड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
समय के साथ कुछ मरीजों में निम्न समस्याएं विकसित हो सकती हैं:
- जोड़ की सामान्य गतिविधि में कमी।
- लगातार दर्द और अकड़न।
- जोड़ को पूरी तरह मोड़ने या सीधा करने में परेशानी।
- हड्डियों और उपास्थि को नुकसान।
- जोड़ के आकार में बदलाव।
ऐसी स्थिति में सूजन कम होने के बाद भी दर्द बना रह सकता है।
यदि मरीज को लंबे समय से गाउट है और जोड़ की गतिविधि लगातार कम हो रही है, तो रुमेटोलॉजिस्ट से जांच करवाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
4. गाउट के कारण टॉफाई बन गए हैं
टॉफाई यूरिक एसिड के क्रिस्टल के जमा होने से बनने वाली गांठें होती हैं।
ये गांठें अक्सर उंगलियों, पैर के अंगूठे, कोहनी और कान के आसपास दिखाई दे सकती हैं। कुछ टॉफाई बिना दर्द के होते हैं, जबकि कुछ जोड़ों के आसपास बनकर दर्द और गतिविधि में परेशानी पैदा कर सकते हैं।
यदि टॉफाई जोड़ या आसपास के ऊतकों को प्रभावित करते हैं, तो मरीज को सूजन कम होने के बाद भी दर्द महसूस हो सकता है।
टॉफाई की मौजूदगी लंबे समय से अनियंत्रित गाउट का संकेत हो सकती है। ऐसे मरीजों को यूरिक एसिड नियंत्रित करने के लिए नियमित उपचार और निगरानी की आवश्यकता हो सकती है।
5. गाउट के दौरे के बाद जोड़ पर अधिक दबाव पड़ रहा है
गाउट के दौरे के दौरान मरीज अक्सर प्रभावित जोड़ का कम उपयोग करता है।
जब दर्द कम होने लगता है, तो कुछ लोग अचानक सामान्य गतिविधियां शुरू कर देते हैं। इससे प्रभावित जोड़ पर अधिक दबाव पड़ सकता है।
उदाहरण के लिए:
- लंबे समय तक चलना।
- अधिक सीढ़ियां चढ़ना।
- दौड़ना या भारी व्यायाम करना।
- दर्द वाले पैर पर अधिक वजन डालना।
यदि जोड़ अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है, तो ऐसी गतिविधियों से दर्द बढ़ सकता है।
दौरे के बाद धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियों में लौटना बेहतर होता है। यदि दर्द बना हुआ है, तो व्यायाम की मात्रा और प्रकार के बारे में डॉक्टर से सलाह लें।
6. दर्द का कारण गाउट के अलावा कोई दूसरी बीमारी भी हो सकती है
हर जोड़ का दर्द गाउट के कारण ही नहीं होता।
सूजन कम होने के बाद भी दर्द बने रहने पर डॉक्टर अन्य संभावित कारणों की जांच कर सकते हैं, जैसे:
- ऑस्टियोआर्थराइटिस यानी जोड़ का घिसाव।
- रूमेटाइड आर्थराइटिस।
- कैल्शियम क्रिस्टल के कारण होने वाला गठिया।
- जोड़ या आसपास के ऊतकों की चोट।
- जोड़ में संक्रमण।
विशेष रूप से जोड़ में संक्रमण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। संक्रमण और गाउट के लक्षण कभी-कभी एक जैसे हो सकते हैं।
यदि जोड़ में तेज दर्द, बढ़ती सूजन, बुखार या कंपकंपी हो, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। जोड़ का संक्रमण एक गंभीर स्थिति हो सकती है।
क्या यूरिक एसिड सामान्य होने के बाद भी गाउट का दर्द हो सकता है?
हाँ, कुछ मरीजों में यूरिक एसिड का स्तर सामान्य होने के बावजूद दर्द बना रह सकता है।
इसके कुछ संभावित कारण हैं:
- जोड़ में पहले से जमा क्रिस्टल अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए हैं।
- गाउट के दौरे के बाद सूजन बनी हुई है।
- जोड़ को पहले से नुकसान हुआ है।
- दर्द का कारण कोई दूसरी बीमारी है।
गाउट के उपचार के दौरान यूरिक एसिड का स्तर कम होने पर भी कुछ समय तक दौरे हो सकते हैं। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि जमा हुए क्रिस्टल धीरे-धीरे घुलते हैं और इस प्रक्रिया के दौरान कुछ मरीजों में दौरे आ सकते हैं।
इसलिए उपचार शुरू करने के बाद भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं जारी रखना और नियमित जांच करवाना जरूरी है।
गाउट में सूजन कम होने के बाद दर्द से राहत कैसे पाएं?
यदि गाउट का दौरा कम हो गया है, लेकिन दर्द अभी भी बना हुआ है, तो कुछ उपाय मदद कर सकते हैं।
1. प्रभावित जोड़ को आराम दें
दर्द के दौरान जोड़ पर अधिक दबाव डालने से बचें। यदि पैर प्रभावित है, तो लंबे समय तक चलने और भारी गतिविधियों से कुछ समय के लिए बचें।
2. ठंडी सिकाई करें
प्रभावित जोड़ पर कपड़े में लपेटकर ठंडी सिकाई करने से दर्द और सूजन में राहत मिल सकती है।
बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं।
3. दवाएं डॉक्टर की सलाह से लें
गाउट के दर्द और सूजन को कम करने के लिए डॉक्टर कुछ दवाएं दे सकते हैं।
दर्द कम होने पर अपनी दवाएं अचानक बंद न करें। विशेष रूप से यूरिक एसिड कम करने वाली दवाओं को डॉक्टर की सलाह के बिना बंद या बदलना उचित नहीं है।
4. यूरिक एसिड की नियमित जांच करवाएं
गाउट के दीर्घकालिक नियंत्रण के लिए यूरिक एसिड का स्तर नियमित रूप से जांचना महत्वपूर्ण है।
अधिकांश गाउट मरीजों में उपचार का लक्ष्य यूरिक एसिड को 6 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से कम रखना होता है। गंभीर गाउट या टॉफाई वाले कुछ मरीजों में डॉक्टर इससे कम लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं।
5. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं
गाउट के नियंत्रण में जीवनशैली भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- पर्याप्त पानी पिएं, यदि डॉक्टर ने पानी सीमित करने की सलाह न दी हो।
- शराब का सेवन सीमित करें या उससे बचें।
- मीठे पेय और अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
- संतुलित आहार लें।
- वजन अधिक होने पर धीरे-धीरे स्वस्थ वजन प्राप्त करने का प्रयास करें।
- नियमित रूप से डॉक्टर के संपर्क में रहें।
ध्यान रखें कि जीवनशैली में बदलाव दवाओं का विकल्प नहीं है। लंबे समय से गाउट होने पर केवल खानपान से यूरिक एसिड नियंत्रित करना हमेशा संभव नहीं होता।
गाउट का दर्द कितने समय तक रह सकता है?
गाउट का एक सामान्य दौरा उपचार के बिना भी कुछ दिनों से लेकर लगभग एक-दो सप्ताह में कम हो सकता है। हालांकि, कुछ मरीजों में दर्द अधिक समय तक बना रह सकता है।
यदि दर्द लगातार बना हुआ है, बार-बार लौट रहा है या सामान्य गतिविधियों में परेशानी पैदा कर रहा है, तो डॉक्टर से दोबारा जांच करवाना चाहिए।
विशेष रूप से निम्न स्थितियों में चिकित्सकीय सलाह जरूरी है:
- दर्द कई दिनों तक कम नहीं हो रहा है।
- सूजन फिर से बढ़ने लगी है।
- जोड़ को हिलाने में परेशानी हो रही है।
- बार-बार गाउट के दौरे पड़ रहे हैं।
- पहले से चल रही दवाओं से राहत नहीं मिल रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. गाउट की सूजन कम होने के बाद भी दर्द क्यों रहता है?
जोड़ में बची हुई सूजन, यूरिक एसिड क्रिस्टल का जमा रहना, जोड़ को नुकसान या दूसरी बीमारी के कारण दर्द बना रह सकता है।
2. क्या सूजन कम होने का मतलब गाउट पूरी तरह ठीक हो गया है?
नहीं। सूजन कम होना गाउट के दौरे में सुधार का संकेत है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जोड़ में जमा सभी यूरिक एसिड क्रिस्टल समाप्त हो गए हैं।
3. क्या सामान्य यूरिक एसिड होने पर भी गाउट का दर्द हो सकता है?
हाँ। गाउट के दौरे के दौरान यूरिक एसिड सामान्य हो सकता है। पहले से जमा क्रिस्टल और जोड़ में बची हुई सूजन के कारण भी दर्द हो सकता है।
4. क्या गाउट का दर्द हमेशा जोड़ को स्थायी नुकसान पहुंचाता है?
नहीं। उचित उपचार और यूरिक एसिड के प्रभावी नियंत्रण से कई मरीजों में बार-बार होने वाले दौरे और जोड़ को नुकसान पहुंचने का जोखिम कम किया जा सकता है।
5. गाउट का दर्द कम होने के बाद क्या व्यायाम कर सकते हैं?
जब दर्द और सूजन कम हो जाए, तब धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। यदि दर्द बना हुआ है, तो भारी व्यायाम या प्रभावित जोड़ पर अधिक दबाव डालने से बचें और डॉक्टर से सलाह लें।
निष्कर्ष
गाउट में सूजन कम होने के बाद भी दर्द बने रहना कई कारणों से हो सकता है। जोड़ में बची हुई सूजन, यूरिक एसिड क्रिस्टल का जमा रहना, टॉफाई या पहले से हुआ जोड़ का नुकसान इसके संभावित कारण हैं।
दर्द कम होने का अर्थ हमेशा यह नहीं होता कि गाउट पूरी तरह नियंत्रित हो गया है। लंबे समय तक यूरिक एसिड का नियंत्रण, नियमित चिकित्सकीय जांच और सही उपचार गाउट के भविष्य के दौरों और जोड़ को नुकसान पहुंचने के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।
यदि आपको बार-बार जोड़ में दर्द, सूजन या अकड़न महसूस होती है, तो रुमेटोलॉजिस्ट से परामर्श लें। सही निदान और समय पर उपचार आपके जोड़ों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

